Menu

मोदी के हैं ख़ास - नायडू हो सकते हैं उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार

मोदी के हैं ख़ास - नायडू हो सकते हैं उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार

[vc_row][vc_column][vc_column_text]राष्ट्रपति चुनाव का नतीजा अभी तक घोषित नहीं हुआ हैं लेकिन राजनीति के गलियारों में अब उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की चर्चा जोर शोर पर हैं, आपको बता दे के राष्ट्रपति के पद के लिए दलित कोविंद का जितना लगभग तय हैं, क्योंकि उन्हें लगभग सभी दलों से समर्थन मिल चूका हैं तो शत प्रतिशत वे ही भारत के नए राष्ट्रपति होंगे तो अब राजनीति के गलियारों में उपराष्ट्रपति पद की चर्चाए शुरू हो चुकी हैं, सभी इस बात को जानना चाहते हैं के आखिर कौन होगा भाजपा की तरफ से उपराष्ट्रपति पद का नया उम्मीदवार|

सूत्रों के अनुसार इस समय भाजपा वेंकैया नायडू को उपराष्ट्रपति पद के लिए खड़ा कर सकती हैं क्योंकि इस समय के मात्रा यही वे सख्श हैं जो विपक्ष के उम्मीदवार गोपालकृष्ण गांधी के समक्ष एक प्रभवशाली व्यक्ति होंगे |

वो 3 मुख्या कारन जिनकी वजह से वेंकैया नायडू उपराष्ट्रपति पद की होड़ में सबसे आगे नजर आते हैं -

1. चार बार राज्यसभा के सांसद

भाजपा के पास इस समय चुनावी द्रष्टिकोण से राजयसभा में नम्बरो की कमी हैं, और वेंकैया नायडू अपने राजनैतिक करियर में अब तक चार बार राजयसभा के सदस्य रह चुके हैं एवं वर्तमान में राजस्थान राज्यसभा से सांसद हैं, ऐसे में अगर भाजपा राज्यसभा के किसी प्रसिद्द एवं अनुभवी नेता को आगे करती हैं तो उनका जितना आसान होगा |

2. साउथ से आते हैं

वेंकैया नायडू का जन्म साउथ के आंध्रप्रदेश राज्य में हुआ हैं. भाजपा की नजर राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव के साथ साथ 2019 में होने वाले चुनाव की तरफ हैं, उत्तर भारत से पहले ही वे कोविंद को राष्ट्रपति पद के लिए मनोनीत कर उत्तर भारत के लोगो को अपनी तरफ आकर्षित कर चुके हैं , ऐसे में वेंकैया नायडू का साउथ से होने,और उन्हें उपराष्ट्रपति पद के लिए खड़ा कर वे दक्षिण भारत के लोगो को भी अपनी तरफ करना चाहेंगे|

3. पारदर्शी एवं भरोसेमंद

आपको याद दिला दे के जब 1975 में देश में इमरजेंसी लगी थी, उस दौरान वो जेल गए थे, एवं काफी लम्बे समय तक वो संघ के साथ भी जुड़े रहे थे, ऐसे में वेंकैया नायडू एक ऐसे व्यक्ति के रूप में सामने आ रहे हैं जो भाजपा और संघ दोनों की ही विचारधारा को अच्छे तरीके से समझते हैं, साथ ही उनका 1977 में युथ विंग का प्रेजिडेंट रहना एवं 1978 में विधायक का चुनाव जितना भी उन्हें का उम्मीदवार बनाता हैं[/vc_column_text][/vc_column][/vc_row]

Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Cancel reply
Leave a Comment
Your email address will not be published. Required fields are marked *