Menu

प्रसव के बाद कोई भी दर्द 6 -8 हफ्ते से ज्यादा हो तो ध्यान दे |

प्रसव के बाद कोई भी दर्द 6 -8 हफ्ते से ज्यादा हो तो ध्यान दे |

[vc_row][vc_column][vc_column_text]गरबावस्था के दौरान भी बाद में होने वाला कमरदर्द होने पर आपको डॉक्टर को चेक कराना होगा | अगर आपको 6 -8 हफ्ते से दर्द रहता हे | तो आपको ध्यान रखना होगा |

इससे महिलाओ की रिड की हड्डी में दर्द रहता हे |

महिलाओ के रीढ़ की हड्डी के निच्चे दर्द रहता हे | इससे उनके काफी परेशानियों से सामना करना पड़ता हे |

पेट दर्द

पेट के आसपास दर्द की आंशका कमरदर्द के मुकाबले चार गुना ज्यादा होती हे | यह पेट में एक तरफ या पीछे रीढ़ की हड्डी के दोनों तरफ निचली और होता हे | यह दर्द कूल्हे में निच्चे की तरफ या जांघो के ऊपरी भाग तक जा सकता हे | आराम करने से राहत मिलती हे | ज्यादा देर आगे की तरफ झुक रहने से दिक्क्त होती हे |

पीठ दर्द

यह दर्द आमतोर पर कमर कूल्हे और पीठ के बीच होता हे हलाकि गर्भवस्ता के दौरान पीठ में निच्छे होने वाला दर्द वही तक सीमित रहता हे लेकिन कुछ मामलो में यह पेरो -पजो तक आ सकता हे यह स्थित साइटिका की होती हे गर्भवस्थ शिशु के बड़े होने वाले व् बच्चेदानी का दबाव पीठ पर पड़ने से यह दर्द होता हे |

प्रेग्नेंसी के दौरान पीठ व् पेटदर्द कम करने में व्यायाम -शारीरिक स्थित और बैठने व् उठने झुकने की मुद्रा सही होनी चाहिए |

1 .गर्भवथा के दौरान कमर करके बैठे |

2 .रोजमर्रा के घरेलू काम इस सोने के दौरान सही मुद्रा अपनाये |

3 . डॉक्टरी सलाह लेकर घर घर पर अन्य सामन्य व्यायाम , मालिश आदि से आराम मिलता हे शरीर को आराम दे और धीरे धीरे अपने काम करे | इससे पीठ और गर्भस्था की मासपेशियो को मजबूती मिलेगी[/vc_column_text][/vc_column][/vc_row]

Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Cancel reply
Leave a Comment
Your email address will not be published. Required fields are marked *