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चीन ने कबुला की पाकिस्तान के लिए भारत से करेगा युद्ध.

चीन ने कबुला की पाकिस्तान के लिए भारत से करेगा युद्ध.

[vc_row][vc_column][vc_column_text]चीन और भारत में चल रहे युद्ध को लेकर चीन ने कबूला हे की पाकिस्तान के लिए भारत से युद्ध करेगा , वही पर चीन के प्रधान मंत्री का कहना हे की भारत को भी इसका खमियाजा भुगतना पड़ सकता हे ,वही पर चीन का मानना हे की यदि भारत कोई भी कदम उठाना चाहता हे तो हम उसके द्वारा उठाये गए हर कदम को जवाब देंगे .

वही पर चीन का मानना हे की यदि पाकिस्तान कोई भी टिप्पड़ी करता हे तो इससे भारत को बहुत ज्यादा फर्क पड़ता हे |

अभी अभी चीन ने तिब्बत की सीमा पर अपने सेनिको के लिए अभ्यास के लिए वहा पर सेनीसमान भेजा था . वही पर चीनी सेनिको के लिए वहा पर कब्जा करना चाहता हे , चीन ने तिब्बत में 3 .5 अरब का विनियोग किया हे , चीन ने भी डोकलाम पर युद्ध की पूरी तैयारी कर ली हे , इसलिए चीन ने कहना हे की हमने भी कबूल लिया हे की हम पाकिस्तान के लिए भारत से युद्ध करने के लिए तैयार हो गया हे |, चीन का मानना हे की हम भी पाकिस्तान के लिए हम भारत से भी युद्ध करने के लिए तैयारी कर ली हे |

चीन ने डोकलाम के पास अपना युद्ध की तैयारी भी करना शुरू कर दिया हे , चीन ने भारत के मुद्दों को उठाते हुए चीन को इसके बारे बताया हे की चीन ने भी अपने लिए एक योजना बनाई हे , जिस तरह से भारत ने चीन के लिए बहुत सारे मुद्दे उठाये हे , लेकिन हम अभी ये नहीं कह सकते हे की चीन ने भी भारत के लिए कुछ भी कदम नहीं उठाये हे |

वही पर भारत का मानना हे की चीन और पाकिस्तान के बीच के संबंध बहुत दिनों से अच्छे चल रहे हे ,1 9 50 में शुरू हुआ जब पाकिस्तान ताइवान में चीन गणराज्य के साथ आधिकारिक राजनयिक संबंधों को खत्म करने और पीआरसी को पहचानने के लिए पहले देशों में था। तब से, दोनों देशों ने एक अत्यंत करीबी और सहायक संबंधों के रखरखाव पर काफी महत्व दिया है और दोनों देशों ने नियमित रूप से उच्च-स्तरीय यात्राओं का आदान-प्रदान किया है, जिसके परिणामस्वरूप विभिन्न प्रकार के समझौतों के परिणामस्वरूप। पीआरसी ने पाकिस्तान को आर्थिक, सैन्य और तकनीकी सहायता प्रदान की है और प्रत्येक दूसरे को करीबी सामरिक सहयोगी मानता है। हाल ही में एक नई किताब, द चीन-पाकिस्तान एक्सिस: एशिया की न्यू जियोपॉलिटिक्स के प्रकाशन के कारण रिश्तों को नए सिरे से लिया गया है, जो 1 9 70 के दशक से संबंधों का पहला व्यापक उपचार है।

इस तरह से हम कह सकते हे की चीन और पाकिस्तान के बीच अभी अच्छे समंध अभी अच्छे नहीं चल रहे हे , इस प्रकार से हम कह सकते हे की पाकिस्तान और चीन के बीच अच्छे समंध चल रहे हे ,तो हम यह कह सकते हे की चीन और पाकिस्तान के बीच अच्छे समंध चल रहे हे |[/vc_column_text][/vc_column][/vc_row]

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