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इस गणेश चतुर्थी भूलकर भी साथ में न करे चंद्र दर्शन और गणेश जी की पूजन

इस गणेश चतुर्थी भूलकर भी साथ में न करे चंद्र दर्शन और गणेश जी की पूजन

हम आपको बताने जा रहे है की इस गणेश चतुर्थी को चंद्र दर्शन और गणेश पूजन एक साथ करने से आपको नुकशान उठाना पड़ सकता है | भारत में गणेश

चतुर्थी का यह पवन पर्व बड़े ही उल्लाश से बनाया जाता है | और कई जगहों पर यह उत्सव बड़ी आस्था का प्रतीक होता है | और इस पर्व के दिन गणेश जी की मूर्ति को घर पर स्थापित कर के उसकी पूजन की जाती है | और कई दिनों तक उसकी पूजा करके उसको विसर्जन किया जाता है |

गणेश जी की पूजा और चंद्र दर्शन क्यों है अशुभ

गणेश चतुर्थी के दिन गणेश जी की पूजा और चंद्र दर्शन एक साथ करने पर अशुभ होता है | इसके पीछे एक कहानी है जिसके अनुसार एक बार जब गणेश जी अपनी प्रिय सवारी चूहे की सवारी कर रहे थे तो वह अचानक ही उससे गिर गए और इसको देखते हुए चन्द्रमा उन पर हसने लगे | जिससे की गणेश जी गुस्सा हो गए और चन्द्रमा को श्राप दिया की जब भी मेरी पूजा होगी तब अगर कोई चन्द्रमा के दर्शन करेगा तो उसके लिए वह हानिकारक साबित हो सकता है | और उसके कोई भी शुभ काम में हमेशा दिक्कत आएगी |

गणेश जी पूजा करने की विधि -

गणेश चतुर्थी को गणेश जी की पूजा करने के लिए हमेशा सही विधि का उपयोग करना चाहिए | अगर गलत तरीके गणेश जी की पूजा करते है तो यह आपके लिए अशुभ साबित हो सकता है |

सबसे पहले गणेश जी की मूर्ति को किसी साफ स्थल पर पधरा कर उसको शुद्ध जल से अच्छी तरह स्न्नान कराये | फिर उस पर शुद्ध गे के घी से गणेश जी की मूर्ति पर लगाए | और उसपर सिंडोर लगा कर उसस्के ऊपर चाँदी का वर्क लगाए | और उन पर जनेऊ का धारण करवाए |

अब एक थाली में पूजन सामग्री जैसे की घी कड़िया ,सिन्दूर ,कपूर,तथा शुद्ध जल ले कर उनकी पूजा करे |

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