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चीन की रणनीतिक नुकशान से ,विश्व स्तर पर भारत की ताकत बढ़ी

चीन की रणनीतिक नुकशान से ,विश्व स्तर पर भारत की ताकत बढ़ी

भारत ने डोकलाम पर सबसे बड़ी जित हासिल की है | भारत ने चीन को 5 बड़ी रणनीतिक नुकसान पहुंचाया है | जिससे की भारत की बहुत बड़ी जीत बताई जा रही है | इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इससे बहुत फायदा पहुंचेगा | भारत की विदेश निति पर उठ रहे सवालों पर भी इससे मोदी सरकार को ताकत मिली है | विपक्ष के द्वारा विदेश निति पर घिरने वाली मोदी सरकार को खुछ बल मिल जायेगा |

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ब्रिक्स की बैठक में भाग लेने के लिए चीन जाने से ठीक पहले पिछले दो महीने से चल रहे डोकलाम विवाद पर पूर्ण विराम लग गया है. भारत और चीन की सेनाओं ने विवादित क्षेत्र से अपने सैनिकों को धीरे-धीरे पीछे हटने का निर्णय लिया. तो अब दोनों देश की तरफ से तीखी बयानबाजी भी रूकी है. लगातार युद्ध की गीदड़भभकी दे रहे चीन का भारत की बात मानकर पीछे हटना एक तरह से पीएम मोदी के लिए बड़ी जीत ही है, तो चीन के लिए बड़ी हार भी है.

किन मुद्दों पर मिली भारत को जीत

1. चीन के अंदर की सियासत में चीनी राष्ट्रपति की साख पर उठेंगे सवाल

शी जिनपिंग भारत पर साख जमाने के साथ ही राष्ट्रपति के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल की तैयारी कर रहे थे. क्योंकि अगर वह इस मुद्दे पर भारत को झुका पाते तो अपनी पार्टी में उनकी दावेदारी और भी मजबूत होती. लेकिन शायद अब ऐसा मुश्किल ही हो पाए.

2. सुरक्षा परिषद में सुधार की भारत की दावेदारी को मिलेगा बल

चीन ने लगातार सुरक्षा परिषद में भारत की दावेदारी पर सवाल उठाए हैं. भारत लगातार संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में अपनी पक्की जगह के लिए दावेदारी कर रहा है. लेकिन वह सफल नहीं हो पाया है. डोकलाम विवाद पर कड़े रुख के साथ-साथ बरते गए संयम ने पूरी दुनिया में भारत की साख को मजबूत किया है. दुनिया के कई देशों ने डोकलाम के मुद्दे पर भारत का सपोर्ट भी किया है.

3. वैश्विक स्तर पर चीन की छवि को नुकसान

अगर डोकलाम विवाद पर भारत को फायदा हुआ है तो चीन को नुकसान भी काफी हुआ है. खुद को ग्लोबल लीडर बनाने की तैयारी कर रहे चीन की छवि पर एक बड़ा धब्बा लगा है.

4. सहयोगी कम आलोचक ज्यादा सामने आए

डोकलाम के मुद्दे पर बहुत कम देशों ने चीन को सही ठहराया था, बल्कि कई देश भारत के समर्थन में नजर आए. कई देशों ने तो चीन की कड़ी निंदा भी की. साफ है कि डोकलाम विवाद ने कई देशों को चीन के खिलाफ खड़ा कर दिया है.

5. बॉर्डर पर भारत की तैयारियां मजबूत हो गईं

डोकलाम विवाद पर चीन का पीछे हटने का एक कारण यह भी रहा है कि उस जगह भारतीय सेना काफी मजबूत स्थिति में है. इसके अलावा भारत ने एलओसी से सटे पूरे इलाके में अपनी सेना की किलेबंदी कर ली. लद्दाख, सिक्किम, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश हर जगह भारतीय सेना ने अपनी मजबूती बढ़ाई है. चीन की रणनीतिक नुकसान से ,डोकलाम पर भारत की बड़ी जीत

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