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आरबीआई ने जारी की डिफॉल्टर्स की लिस्ट,किया जायेगा कर्ज वसूल

आरबीआई ने जारी की डिफॉल्टर्स की लिस्ट,किया जायेगा कर्ज वसूल

आरबीआई ने 26 नए डिफॉल्टर्स की लिस्ट जारी की है | और बैंको को निर्देश दिया है की इन डिफॉल्टर्स से कर्ज वसूली की जाये | आरबीआई ने बैंको को निर्देश दिया है की इनको दिवालिया घोषित करने से पहले इनसे कर्ज वसूला जाये |

अगर यह सभी डिफॉल्टर्स कर्ज देने में असफल हो जाते है तो इनको बैंकरप्सी कानून के तहत दिवालिया घोषित करें | आरबीआई ने सभी बैंको को डेड लाइन दी जिस्सके अनुसार बैंको को 13 दिसंबर तक डिफॉल्टर्स से कर्ज वसूली की प्रक्रिया सुरु कार दी जाये | और दिवालिया घोषित करने से पहले उन को बैंकरप्सी कानून के तहत मुकदमा दर्ज करे और इसके लिए आरबीआई ने 31 दिसंबर तक का समय दिया गया है |

आरबीआई ने इससे पहले भी डिफॉल्टर्स की लिस्ट जारी की थी जिसमे भी बैंको को निर्देश दिया गया की इन सभी से कर्ज वसूली की जाये | आरबीआई ने इससे पहले जून 2017 में रिजर्व बैंक ने 12 डिफॉल्टरों की पहली सूची जारी की थी. इन 12 कंपनियों में बैंकिंग क्षेत्र का लगभग 25 फीसदी का बैड लोन है. इनमें एस्सार स्टील, भूषण स्टील, एबीजी शिपयार्ड, इलेक्ट्रोस्टील और अलोक इंडस्ट्रीज बड़े लोन डिफॉल्टर के तौर पर शामिल हैं. गौरतलब है कि अब इन कंपनियों को दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए केन्द्रीय बैंक ने निर्देश दिया है.

गौरतलब है कि रिजर्व बैंक द्वारा डिफॉल्टर की दोनों सूची में उन कंपनियों को शामिल किया गया है जिनका कम से कम 5000 करोड़ रुपये का लोन बकाया है.

2017 में विकास दर में कमी से बैंको का सिरदर्द बढ़ा

संयुक्त राष्ट्र ने मौजूदा वित्तीय साल में भारत की जीडीपी विकास दर का अनुमान घटाकर 7.3 फीसदी कर दिया है. इस साल जनवरी में यूएन के अर्थशास्त्रियों ने कहा था कि इस साल भारत की विकास दर 7.7 फीसदी रहेगी. मोदी सरकार की आर्थिक दावों की पोल खुल गई है | इससे बैंको का सिरदर्द बढ़ गया है | क्योकि बैंको को डिफाल्टर्स से कर्ज वसूल करने में दिक्कत आ सकती है | क्योकि आर्थिक दर में के कारण डिफॉल्टर्स से कर्जो की भरपाई महंगी पड़ सकती है | अगले साल 2018 में विकास दर बढ़ने का अनुमान है | जिससे की बैंको के लिए यह अच्छी खबर हो सकती है |

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