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गोरखपुर के बाद फर्रुखाबाद अस्पताल में 30 दिन में 49 बच्चों की मौत

गोरखपुर के बाद फर्रुखाबाद अस्पताल में 30 दिन में 49 बच्चों की मौत

फर्रुखाबाद के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में 20 जुलाई से लेकर 21 अगस्त तक 49 बच्चों की मौत हो चुकी है , जिसमें से 19 बच्चों की मौत प्रसव के दौरान और 30 बच्चों की मौत न्यू बोर्न केयर यूनिट में इलाज के दौरान हुई थी | जिला प्रशासन ने जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज करा दी है पर्थ्मिक रिपोर्ट में पाया है की ऑक्सीजन और दवा की कमी तथा इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप है |वह के सीएमओ और सीएमएस के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है |

उत्तरप्रदेश के गोरखपुर में भी ऑक्सीजन की कमी से बच्चो की मोते

गौरतलब है की बीआरडी कॉलेज में बीते अगस्त के महीने में गोरखपुर में 36 घंटों में हुई 30 बच्चों की मोत हो गई थी | मोत की वजह ऑक्सीजन की कमी और डॉक्टर्स की लापरवाही को बताया गया था | प्रदेश सरकार ने गोरखपुर के डीएम को छाज के आदेश भी दे दिए थे | जिसमे रिपोर्ट में बीआरडी कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी और डॉक्टर्स द्वारा ऑक्सीजन की सपलाई टाइम पर नहीं होना पाया गया था |

गोरखपुर मामले में हो चुकी है गिरफ्तारी

प्रदेश सरकार ने बीते अगस्त के महीने में गोरखपुर में 36 घंटों में हुई 30 बच्चों की मौत के मामले में गोरखपुर के डीएम और प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार को जांच का जिम्मा सौंपा था. डीएम की रिपोर्ट में तो डॉक्टर कफील के ऊपर उंगली नहीं उठाई गई थी. लेकिन मुख्य सचिव की रिपोर्ट में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसपल डॉक्टर राजीव मिश्रा, उनकी पत्नी डॉक्टर पूर्णिमा शुक्ला और एनस्थीसिया विभाग के अध्यक्ष ड़ॉक्टर सतीश, 100 बेड वार्ड के इंचार्ज डॉक्टर कफील सहित 9 लोगों का इसका जिम्मेदार बताया था. आरोपियों पर एफआईआर होने के बाद से सभी फरार चल रहे थे. पिछले मंगलवार को एसटीएफ ने कॉलेज प्रिंसपल और उनकी पत्नी को कानपुर से गिरफ्तार किया था. पूछताछ के बाद गुरुवार को उनको जेल भेज दिया गया. एसटीएफ डॉक्टर को कफील को अब मामले की जांच कर रहे सिविल पुलिस के एनक्वाइरी ऑफिसर को सौंप देगी. वह उनसे आगे की पूछताछ करेंगे.

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