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पैन कार्ड में है कुछ गलती है तो इस तरह ठीक कर सकते है आप

पैन कार्ड में है कुछ गलती है तो इस तरह ठीक कर सकते है आप

परमानेंट एकाउंट नम्बर, यानी पैन या PAN एक ऐसा नम्बर है, जो इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए अनिवार्य है, और हर कमाऊ व्यक्ति के पास होना ज़रूरी है | बैंकों में आपका कोई भी वित्तीय लेनदेन तभी प्रोसेस किया जाता है, जब आपके पास पैन नम्बर होता है | किसी भी व्यक्ति के सभी बैंक खातों तथा आधार पहचान प्रमाणपत्र का पैन के साथ लिंक होना भी अनिवार्य है | 10 अक्षर-अंकों वाले पैन नम्बर की मदद से ही आयकर विभाग को आपके वित्तीय लेनदेन पर नज़र रखने में भी सहूलियत होती है, और टैक्स चोरों को धर पकड़ने में भी |

एक हालिया आदेश में सरकार ने 12-अंकीय यूनीक पहचान संख्या, यानी आधार नम्बर को 31 दिसंबर से पहले पैन कार्ड से लिंक करना अनिवार्य बना दिया है | यहां यूनीक नम्बर का अर्थ है कि किन्हीं भी दो भारतीयों का आधार नम्बर एक जैसा नहीं हो सकता | बहरहाल, अगर दोनों कार्ड पर दिया गया आपका विवरण एक जैसा नहीं है, तो उस व्यक्ति को अपना पैन कार्ड अपडेट करना होगा, और वही जानकारी देनी होगी, जो उसके आधार कार्ड में दर्ज है |

आवेदनकर्ता को ऑनलाइन ही पैन चेंज रिक्वेस्ट फॉर्म भरकर सबमिट करना होगा | NSDL की वेबसाइट के अनुसार, यही एक फॉर्म देशवासियों तथा गैर-भारतीयों के लिए भी लागू होगा |

आवेदनकर्ता पैन चेंज रिक्वेस्ट फॉर्म पर ही नागरिकता, श्रेणी (इन्डिविज़ुअल, एचयूएफ आदि) और अपना टाइटल (श्री, श्रीमती, कुमारी आदि) चुन सकते हैं, और उसके बाद अपनी सही जानकारी वहां भर सकते हैं | आवेदनकर्ता को एक टोकन नम्बर जारी कर दिया जाएगा, और आवेदनकर्ता को सबमिट करने से पहले वह दिखा भी दिया जाएगा | रेफरेंस के लिए यही टोकन नम्बर आवेदनकर्ता को फॉर्म में भरे गए ईमेल आईडी पर भी भेज दिया जाएगा |

1. काग़ज़ी पावती (फिज़िकल एकनॉलेजमेंट)

इस विधि के तहत आवेदनकर्ता को सफलतापूर्वक एप्लीकेशन फॉर्म जेनरेट करने के बाद उसे प्रिंट करना होगा, हालिया रंगीन तस्वीर चिपकानी होगी, दी गई जगह पर सही दस्तखत करने होंगे, और उसे बताए गए सभी आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ वेबसाइट पर दिए गए NSDL दफ्तर के पते पर डाक से भेजना होगा.

2. डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC)

इस विकल्प के तहत आवेदनकर्ता को एप्लीकेशन के साथ ही अपनी तस्वीर, दस्तखत और सभी आवश्यक दस्तावेज़ों की स्कैन की हुई प्रतियां बताए गए फॉरमैट में अपलोड करनी होंगी. इस विधि में पैन एप्लीकेशन फॉर्म और आवश्यक दस्तावेज़ों को डाक से NSDL के पास भेजने की ज़रूरत नहीं होती.

3. आधार-आधारित ई-साइन (e-Sign)

इस विकल्प के तहत भी आवेदनकर्ता को एप्लीकेशन के साथ ही अपनी तस्वीर, दस्तखत और आवश्यक दस्तावेज़ों की स्कैन की हुई प्रतियां बताए गए फॉरमैट में अपलोड करनी होंगी, जहां आवेदनकर्ता के आधार को आवश्यक दस्तावेज़ मान लिया जाएगा. इस विधि में भी पैन एप्लीकेशन फॉर्म और आवश्यक दस्तावेज़ों को डाक से NSDL के पास भेजने की ज़रूरत नहीं होती.

4. आधार-आधारित ई-केवाईसी (e-KYC)

आधार-आधारित ई-केवाईसी विकल्प के तहत आधार में दी गई जानकारी को ही पैन एप्लीकेशन में दी गई जानकारी (नाम, जन्मतिथि, लिंग, पता, ईमेल आईडी, मोबाइल नम्बर तथा फोटो) मान लिया जाएगा, और आधार को ही आवश्यक दस्तावेज़ मानकर इनकम टैक्स विभाग को फॉरवर्ड कर दिया जाएगा, ताकि पैन कार्ड जारी किया जा सके. इस विकल्प में जानकारी देने के लिए किसी भी फील्ड में आवेदनकर्ता कोई जानकारी नहीं भर सकता है.

आधार कार्ड में इस्तेमाल की गई तस्वीर को ही पैन कार्ड पर भी इस्तेमाल किया जाएगा, और इस विकल्प में कोई आवश्यक दस्तावेज़, फोटो तता दस्तखत अपलोड करने की ज़रूरत नहीं होती है. आवेदनकर्ता का पैन कार्ड उसी पते पर भेज दिया जाएगा, जो आधार कार्ड पर दर्ज है.

हालांकि यदि सबमिट की गई जानकारी किसी भी स्तर पर जांच में खरी नहीं उतरती है, स्क्रीन पर एरर दिखा दिया जाएगा, और कारण बताया जाएगा. ऐसी स्थिति में आवेदनकर्ता को जानकारी दुरुस्त करनी होगी, और फॉर्म को री-सबमिट करना होगा.

अगर कोई भी जानकारी गलत नहीं होती है, और कोई एरर नहीं आता है, आवेदनकर्ता द्वारा दी गई समस्त जानकारी के साथ स्क्रीन पर कन्फर्मेशन आ जाएगा, जिसे आवेदनकर्ता संशोधित या कन्फर्म कर सकता है.

पैन के साथ जुड़ी जानकारी में बदलाव करने के लिए फॉर्म में दिए सभी अनिवार्य फील्ड (जिनके साथ * बना हो) भरने होंगे, और बाईं ओर दिए गए सही बक्सों को चुनना होगा, जिनमें बदलाव किया गया है.

यदि आवेदन बिना किसी बदलाव के पैन कार्ड को दोबारा जारी करने के लिए किया जा रहा है, तो सभी अनिवार्य फील्ड भरें, लेकिन बाईं ओर दिए किसी भी बक्से को नहीं चुनना है.

चाहे आवेदनकर्ता पैन के साथ जुड़ी जानकारी में बदलाव की अर्ज़ी देता है, या बिना कोई बदलाव किए पैन कार्ड दोबारा जारी करने की अर्ज़ी देता है, इनकम टैक्स विभाग के डेटाबेस में आवेदनकर्ता का पता एप्लीकेशन में दिए गए पते से अपडेट कर दिया जाएगा.

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