Menu

मानहानि केस: MP के कांग्रेस नेता को 2 साल की जेल, शिवराज पर लगाए थे आरोप

मानहानि केस: MP के कांग्रेस नेता को 2 साल की जेल, शिवराज पर लगाए थे आरोप

.मध्य प्रदेश के कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा को मानहानि केस में शुक्रवार को कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई। उन पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगा है। मिश्रा ने व्यापमं घोटाले में सीएम शिवराज सिंह चौहान और उनकी पत्नी साधना सिंह के शामिल होने का आरोप लगाया था। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने कांग्रेस प्रवक्ता के खिलाफ भोपाल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में मानहानि केस फाइल किया था। सुनवाई के दौरान मिश्रा कोर्ट के सामने भ्रष्टाचार से जुड़े पुख्ता सबूत पेश नहीं कर पाए। उन्होंने कहा था कि वे एक नहीं, 100-100 मानहानि के मुकदमे झेलने को तैयार हैं, क्योंकि कुछ भी झूठ नहीं बोला।

 

 

यह भी पढ़े:-     शिवराज चौहान एक और रीप्ले :ओडिशा के विधायक को गोद में उठाकर लोगो ने उन्हे पार कराया कीचड़

भर्ती घोटाले में सीएम की पत्नी के शामिल होने का आरोप लगाया था

- कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने परिवहन आरक्षक भर्ती में सीएम की पत्नी साधना सिंह की भूमिका पर सवाल उठाए थे।

- इसके बाद शिवराज सिंह ने कहा था, ''गोंदिया (महाराष्ट्र) से मेरी पत्नी के किसी भी रिश्तेदार को मध्य प्रदेश में परिवहन आरक्षक के लिए नहीं चुना गया। कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि गोंदिया से 17 लोगों को भर्ती किया गया है। ऐसे आधारहीन आरोप लगाने वाले कभी तथ्यों को जानने की कोशिश नहीं करते। कहा जा रहा है कि सीएम हाउस से 139 फोन करे गए। जबकि उनके द्वारा जारी की गई कॉल डिटेल में एक भी नंबर सीएम हाउस का नहीं है।''

बदनाम करने वालों को ऐसे ही नहीं छोड़ सकते: शिवराज

यह भी पढ़े:-    कुमार विश्वास ने नरेंद्र मोदी पर कसा तंज , बापू के हत्यारो के मंदिर बनवाना बापू का अपमान-

 

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने ट्वीट कर कहा था, ''हम बेबुनियाद आरोप लगाने वालों को ऐसे ही नहीं छोड़ सकते हैं। ये साफ तौर पर मानहानि का मामला है। किसी पर आरोप लगने के बाद मीडिया उसका पक्ष भी लेती है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ।''

- ''मैं जानता हूं कि हारने पर लोगों को तकलीफ होती है, खासकर दो-दो बार हारने पर। कुछ ही लोग हैं जो पार्टी की हार को गरिमा के साथ स्वीकार करते हैं। लेकिन, क्या इन लोगों को इतना नीचे गिर जाना चाहिए?''

क्या है मानहानि कानून?

- आईपीसी की धारा 500 और 501 लोगों के आत्मसम्मान की रक्षा करने के लिए बनाई गई है। इसमें किसी भी शख्स की ओर से बेबुनियाद बयान या लिखित तौर पर भ्रामक जानकारी फैलाने पर मानहानि केस फाइल किया जा सकता है। दोषी पाए जाने पर इसमें अधिकतम 2 साल की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकता है।

Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Cancel reply
Leave a Comment
Your email address will not be published. Required fields are marked *