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नॉर्थ कोरिया ने US को अपनी नई मिसाइल की रेंज में लिया , ट्रंप ले सकते है बड़ा फैसला

नॉर्थ कोरिया ने US को अपनी नई मिसाइल की रेंज में लिया , ट्रंप ले सकते है बड़ा फैसला

नॉर्थ कोरिया ने तमाम चेतावनियों को दरकिनार करते हुए एक बार फिर मिसाइल टेस्ट किया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जब कोरिया की मिसाइल हवा में ही थी, तभी अधिकारियों के जरिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इसकी खबर हो गई. इस मिसाइल की रेेन्ज मेें अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया भी आ सकता है.

नॉर्थ कोरिया के नए मिसाइल टेस्ट के बारे में जानकारों का कहना है कि यह अब तक का सबसे शक्तिशाली मिसाइल लगता है. इस मिसाइल से न्यूक्लियर वीपन वाले कोरिया की ताकत बढ़ जाएगी.

यह मिसाइल करीब 50 मिनट तक हवा में रहा और एक हजार किलोमीटर की दूरी तय की. इसके बाद यह जापान सागर में गिर गया. मिसाइल लॉन्च के बाद ट्रंप ने कहा है कि उन्हें मालूम हो गया है, वे स्थिति को हैंडल कर लेंगे.

उत्तर कोरिया लगभग ढाई महीने बाद बुधवार को अपने सबसे ताकतवर मिसाइल को जापान सागर में फायर किया. इस अंतरद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल के दायरे में वाशिंगटन समेत अमेरिका के पूर्वी समुद्रीय इलाके भी आते हैं.

नॉर्थ कोरिया को लेकर ट्रंप की ओर से कुछ हफ्ते पहले नरम रुख देखने को मिला था. ट्रंप ने कहा था कि नॉर्थ कोरिया टेबल पर बातचीत के लिए आए और न्यूक्लियर हथियारों को लेकर डील करे.

पिछले छह महीनों में नॉर्थ कोरिया और अमेरिका के बीच रिश्ते काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं और ऐसे किसी भी वक्त जंग छिड़ने की आशंका लगातार बनी हुई है.

उधर, उत्तर कोरिया के मिसाइल टेस्ट के जवाब में दक्षिण कोरिया ने भी एक मिसाइल टेस्ट किया है. दक्षिण कोरिया की मिलिट्री ने इसकी पुष्टि की है.

बुधवार को खबर आई थी कि पहले से हाइड्रोजन बम बनाकर तैयार बैठा नॉर्थ कोरिया नया मिसाइल टेस्ट कर सकता है. जापान को ऐसे रेडियो सिग्नल मिले थे, जिससे पता लगा था कि नॉर्थ कोरिया नया मिसाइल लॉन्च करने वाला है.

इससे पहले भी जापान के ऊपर से नॉर्थ कोरिया मिसाइल टेस्ट कर चुका है. इसकी वजह से जापान के लोगों में डर भी है. डर की वजह से जापान में लोगों के बंकर खरीदने की रिपोर्ट भी आई थी.

कुछ हफ्ते पहले नॉर्थ कोरिया ने अपने कई शहरों में लोगों को खाली कराने का ड्रिल किया था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नॉर्थ कोरिया किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी पहले ही कर लिया है, ताकि किसी भी हमले की स्थिति में कम नुकसान हो.

उधर, चीन ने नॉर्थ कोरिया के साथ ट्रेड के लिए इस्तेमाल होने वाला 80 साल पुराना ब्रिज बंद करने का फैसला किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस ब्रिज के जरिए ही 70 से 80 फीसदी वस्तुओं की सप्लाई होती रही है. अमेरिका सहित कई देशों ने पहले ही नॉर्थ कोरिया पर आर्थिक प्रतिबंध लगा रखा है.

किम जोंग उन ने तमाम देशों से डिप्लोमेसी के रास्ते बंद कर रखे हैं. ऐसे में नॉर्थ कोरिया से बातचीत किसी देश केे लिए आसान नहीं है.

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