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देश के अलग अलग राज्यों से मेरे ख़िलाफ़ केस निकलवा कर जेल भेजने की साज़िश है ताकि मैं हिंदुत्व की बात न करूँ: प्रवीण तोगड़िया

देश के अलग अलग राज्यों से मेरे ख़िलाफ़ केस निकलवा कर जेल भेजने की साज़िश है ताकि मैं हिंदुत्व की बात न करूँ: प्रवीण तोगड़िया
सोमवार को गायब हुए विश्व हिंदू परिषद के नेता प्रवीण तोगड़िया मंगलवार सुबह मीडिया के सामने आए. करीब 11 घंटे तक गायब रहने के बाद तोगड़िया सोमवार देर शाम बेहोश हालत में मिले थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे एनकाउंटर की साजिश हो रही है, मेरी आवाज को दबाया जा रहा है. तोगड़िया ने कहा कि मैं किसी से डर नहीं रहा हूं, लेकिन मुझे डराने की कोशिश हो रही है.

वीएचपी प्रमुख प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि कुछ समय से मेरी आवाज दबाने का प्रयास होता रहा, मैं हिंदू एकता के लिए प्रयास करता रहा. कई वर्षों से हिंदुओं की जो आवाज थी, राम मंदिर-गोहत्या का कानून, कश्मीरी हिंदूओं को बसाने की मांग की.प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रवीण तोगड़िया काफी भावुक हो गए.

तोगड़िया ने कहा कि मेरे विरुद्ध कानून भंग के केस लगाए गए हैं, मुझे डराने की कोशिश की जा रही है. मकर संक्रांति के दिन राजस्थान पुलिस का काफिला मुझे गिरफ्तार करने के लिए आया था, यह हिंदुओं की मेरी आवाज दबाने का हिस्सा है.

मैंने 10 हजार डॉक्टरों को तैयार किया

उन्होंने कहा कि मैंने 10 हजार डॉक्टरों को तैयार किया, लेकिन सेंट्रल आईबी ने उन्हें भी डराने की कोशिश की. कल मैं मुंबई में भैयाजी जोशी के साथ कार्यक्रम कर रहा था, मैंने पुलिस को ढाई बजे आने को कहा पर सुबह पूजा कर रहा था तभी एक व्यक्ति आया तो कहा कि मेरा एनकाउंटर करने की बात हो रही है.

उन्होंने बताया कि जब मैंने अपने कमरे से बाहर देखा तो दो पुलिस वाले खड़े थे, मुझे लगा कि कुछ दुर्घटना हुई जो होगा तो होगा पर पूरे देश में जो परिस्थित खड़ी होगी वो ठीक नहीं होगा. तोगड़िया बोले कि फिर मैं वही कपड़े में पैसा का पॉकेट लेकर निकला था, नीचा उतरा ऑटो रिक्शा रोकी फिर जो कार्यकर्ता खड़े थे उनके साथ निकल गया.

राजस्थान के सीएम और गृहमंत्री से बात की

तोगड़िया बोले कि मैंने रास्ते में ही राजस्थान के सीएम, गृह मंत्री की ओर से संपर्क करवाया. लेकिन दोनों ने बताया कि ये झूठ है उसके बाद ही मैंने अपना फोन बंद कर दिया था ताकि मेरा फोन ट्रेस ना हो सके. प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि पूछताछ पर पता चला कि वे अरेस्ट वारंट लेकर आए हैं. राजस्थान में वकील से संपर्क कर हाईकोर्ट में वारंट कैंसल की मांग की. मैं जयपुर जाकर कार्यकर्ताओं के साथ कोर्ट में जा रहा था. रास्ते में कुछ गड़बड़ हुआ और बीमार हो गया.

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