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ख़ास रिपोर्ट :- 2019 में चुनाव जीतने के लिये कांग्रेस मुस्लिम तुष्टिकरण पर लौटी, वो मुसलमानों से कैसे और किस फासले से मिले ?

ख़ास रिपोर्ट :- 2019 में चुनाव जीतने के लिये कांग्रेस मुस्लिम तुष्टिकरण पर लौटी, वो मुसलमानों से कैसे और किस फासले से मिले ?
हैदराबाद मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में अदालत द्वारा सभी दोषियों को बरी किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर प्रहार किया कि वोट बैंक की राजनीति के तहत उसने हिंदू/भगवा आतंकवाद का ढिंढोरा पीटा. जवाब में कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी या कांग्रेस ने कभी भगवा आतंकवाद शब्द इस्तेमाल नहीं किया. आरोप को बकवास बताते हुए उन्होंने कहा कि आतंक को धर्म या समुदाय से जोड़ना आपराधिक मानसिकता की पहचान है.

यह कांग्रेस की हिंदू राजनीति का अगला पड़ाव है. 2014 के लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त खाने के बाद एके एंटनी के नेतृत्व में गठित पार्टी की एक समिति ने अपनी रिपोर्ट में हार का कारण बताया था कांग्रेस की हिंदू विरोधी छवि. तब से कांग्रेस लगातार उस छवि को बदलने का प्रयास कर रही है. कांग्रेस के नेतृत्व वाले प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबंधन सरकार के जमाने में भगवा आतंकवाद की चर्चा बार-बार हुई, किंतु कांग्रेस की ओर से इसका कभी खंडन नहीं किया गया. अब हिंदू मतों को पाने की बेचैनी कांग्रेस से वह सब करवा रही है जिसके विरुद्ध वह खड़ी थी.

कर्नाटक में वासवन्ना के आदर्शों का हवाला

कनार्टक में चुनाव होने जा रहे हैं और गुजरात की तरह राहुल गांधी का मंदिर दौरा भी तेजी से चल रहा है. उन्होंने वासवन्ना के आदर्शों पर चलने की भी बात कही है. हिंदू मतों को पाने की कांग्रेस की बेचैनी गुजरात चुनाव में साफ देखने को मिली जो अब कर्नाटक में झलक रही है. इस बेचैनी की इंतेहा तो तब हो गई जब सोनिया गांधी ने यह बयान दे दिया कि बीजेपी लोगों को समझाने में सफल रही कि कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है.

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