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तीन तलाक : राजीव गांधी की वो गलती, जिसे आज भी महिलाओं को भुगतना पड़ रहा हे

तीन तलाक : राजीव गांधी की वो गलती, जिसे आज भी महिलाओं को भुगतना पड़ रहा हे
मोदी सरकार ने तीन तलाक को जुर्म घोषित कर इसके लिए सजा मुकर्रर करने संबंधी विधेयक लोकसभा में पेश कर दिया है. बिल का नाम है ‘द मुस्लिम वीमेन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स इन मैरिज एक्ट.' खास बात ये है कि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस इस विधेयक पर केंद्र सरकार के सुर में सुर मिला रही है. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की उम्मीद के विपरीत कांग्रेस ने इस बिल का समर्थन करने का फैसला किया है.

कांग्रेस बिल को लेकर कुछ सुझाव तो देगी लेकिन उसमें कोई संशोधन प्रस्ताव लेकर नहीं आएगी. कांग्रेस के इस रुख पर राजनीतिक जानकार हैरान हैं लेकिन कहा ये भी जा रहा है कि पार्टी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राहुल गांधी अपने पिता पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी वाली वो गलती नहीं दोहराना चाहते जिसके चलते कांग्रेस हमेशा दक्षिणपंथी राजनीति के निशाने पर रही है और उसपर मुस्लिम तुष्टिकरण के चलते देश को पीछे ले जाने के आरोप लगते हैं.

कांग्रेस का सॉफ्ट हिंदुत्व मॉडल

गौरतलब है कि राहुल गांधी ने हाल ही में गुजरात चुनाव से निपटकर पार्टी की कमान संभाली है. गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पकड़ी थी. चुनावी नतीजे कांग्रेस को अपने इस नए मॉडल के सफल होने का भरोसा दे रहे हैं. माना जा रहा है कि राहुल के नेतृत्व वाली कांग्रेस अब इसी मॉडल को देश में लागू करेगी जिसकी पहली कड़ी तीन तलाक के मुद्दे पर पार्टी का रुख है. ऐसे समय में जब लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी, नवीन पटनायक की बीजेडी और असदुद्दीन ओवैसी ने खुलकर तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाने के मोदी सरकार के बिल का विरोध कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस ने इसका समर्थन करने का फैसला किया है. पार्टी बिल में किसी तरह का संशोधन भी पेश नहीं करेगी. वो सिर्फ इसे लेकर एक-दो सुझाव सदन में रखेगी.

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